मंडी जिले में आफत की तरह बरस रही बरसात में अब उपमंडल जोगिंद्रनगर के ग्रामीण क्षेत्र भी खतरे की जद में आ गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े भूस्खलन की आशंका को देखते हुए जोगिंद्रनगर प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों में शिफ्ट करने के आदेश पंचायत प्रतिनिधियों ,खंड विकास अधिकारी को जारी कर दिए हैं। टिकरी मुशैहरा पंचायत के दुर्गम और ऊंचाई वाले क्षेत्र निक्का ठाणा और बुहला मंरोला गांव में पत्थर गिरने व पहाड़ी दरकने की आंशका को देखते हुए 15 परिवारों के 47 से अधिक सदस्यों को सुरक्षित स्थानों में प्रशासन ने शरण दिलाई है। यहां 120 पशु धन के साथ रह रहे भेड़ पालकों को सुरक्षित स्थानों में शिफ्ट करने की हिदायत दी गई है। शुक्रवार सुबह निक्का ठाणा और बुहला मंरोला की पहाड़ी में पत्थर गिरने से लोग सहम उठे। पंचायत प्रधान रवींद्र ने बताया कि पहाड़ी दरकने की आंशका को देखते हुए एहतियातन दोनों गांवों के लगभग 15 के 47 से अधिक सदस्यों को सुरक्षित स्थानों में शिफ्ट करने की कवायद शुरू कर दी है। विकास खंड चौंतड़ा के कार्यालय के एक बड़े भवन में आपदा से प्रभावित परिवारों को शरण दिलाने का निर्णय लिया गया है। तहसीलदार जोगिंद्रनगर डाू. मुकुल अनिल शर्मा ने बताया कि मानसून सीजन में भूस्खलन से संभावित क्षेत्रों से प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों में शिफ्ट करने करने के आदेश स्थानीय प्रशासन ने जारी किए हैं।