फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mandi: लोक निर्माण विभाग की लापरवाही से बुजुर्ग का आशियाना खतरे में, बीम और पिलर में आईं दरारें

लडभड़ोल क्षेत्र के खद्दर गांव में लोक निर्माण विभाग की कथित लापरवाही एक बुजुर्ग के लिए मुसीबत बन गई है। सड़क किनारे सुरक्षा डंगा न होने और पानी की निकासी की उचित व्यवस्था न होने से सेवानिवृत्त कर्मचारी रूप सिंह का मकान भूस्खलन की जद में आ गया है। आलम यह है कि घर के बीम और पिलर में दरारें आ गई हैं, लेकिन विभाग बजट का हवाला देकर पल्ला झाड़ रहा है। 80 वर्षीय पीड़ित रूप सिंह ने बताया कि वे अपने घर को बचाने के लिए वर्ष 2005 से लगातार विभाग के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने बताया कि साल 2010 में डंगा लगाने के लिए एक एस्टीमेट भी तैयार किया गया था। लेकिन वह आज तक सरकारी फाइलों में ही दफन है। पीड़ित का आरोप है कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान हुई खुदाई के बाद मलबे को रोकने का कोई इंतजाम नहीं किया गया। अब बारिश में ऊपर से आने वाला मलबा और पत्थर सीधे उनके घर की दीवारों से टकरा रहे हैं। विभाग से आस टूटने पर रूप सिंह ने अपनी जमापूंजी से करीब 2.5 लाख रुपये खर्च कर घर के बचाव के लिए एक सुरक्षा दीवार लगवाई थी। लेकिन पिछली बरसात में पानी के तेज बहाव और मलबे के कारण वह दीवार भी बह गई। अब पत्थरों के डर से परिवार को घर के बाहर खुद पहरा देना पड़ता है। उन्होंने बताया कि वे 80 साल का बुजुर्ग हैं भारत सरकार की सेवा करके जो पैसा कमाया था, उससे यह एक मंजिल का घर बनाया। आज पीडब्ल्यूडी की अनदेखी के कारण उनका घर और परिवार खतरे में है। साल 2015 के बाद से तो विभाग ने यहां झांकने की भी जहमत नहीं उठाई। उन्होंने कहा कि सरकार तब जागेगी जब उनका घर गिर जाएगा या उनके बच्चों को कुछ हो जाएगा। इस बार में सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग उपमंडल लडभड़ोल पवन गुलेरिया ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। खद्दर गांव में प्रभावित मकान की सुरक्षा के लिए डंगे का एस्टीमेट तैयार कर लिया गया है और इसे आगामी स्वीकृति हेतु उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। जैसे ही विभाग से बजट और अप्रूवल प्राप्त होता है, प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें