शहर के सनातन धर्मसभा मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर श्रद्धालुओं ने नाचते झूमते खुशियां मनाई। इस दौरान माक्खन मिसरी समेत 56 व्यंजनों का भोग भी लगाया। मंगलवार दोपहर बाद आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की खूब भीड़ उमड़ी। इस दौरान नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयघोष की गूंज से शहर भी गूंज उठा। कथावाचक महामंडलेश्वर राम मोहनदास रामायणी ने श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को विस्तारपूर्वक बताते हुए कहा कि जब धरती में चारों और अत्याचार का साम्राज्य फैल जाने से भक्तों में त्राही-त्राही मच गई तब प्रभु श्रीकृष्ण ने देवकी के गर्भ से जन्म लेकर दुराचारी कंस का संहार किया। इस दौरान श्रीकृष्ण के जन्महोत्सव पर सुंदर झांकियां भी निकाली गई। वृंदावन के सुरीले भजन गायक अभिचल दास ने श्रीकृष्ण के जन्महोत्सव पर मनमोहक भजन गाकर श्रद्धालुओं को खूब झूमाया। देर शाम पांच बजे के करीब भगवान श्रीकृष्ण की आरती भी उतारी गई। इस दौरान कथा में उपस्थित कृष्ण भक्तों को मोक्ष प्राप्ति के रहस्य पर भी अवगत करवाया गया। सनातन धर्मसभा मंदिर समिति के अध्यक्ष एवं मुख्य आयोजक जुगल किशोर गुप्ता ने कहा कि 15 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर दोबारा आकर्षक झांकियां भी शहर में निकाली जाएगी।