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Mandi: सूबे के 10 और आईटीआई व दो बहुतकनीकी कॉलेज में बनेंगी एआई लैब

Ankesh Dogra Updated Fri, 27 Feb 2026 12:39 PM IST

हिमाचल में तकनीकी शिक्षा को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) लैब का दायरा बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रदेश सरकार के माध्यम से तकनीकी शिक्षा निदेशालय ने 10 और आईटीआई तथा दो बहुतकनीकी (पॉलिटेक्निक) कॉलेजों में एआई लैब स्थापित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है। स्वीकृति मिलते ही इन संस्थानों में भी एआई लैब का विस्तारीकरण किया जाएगा। मौजूदा समय में केंद्र सरकार की ओर से जारी 2.80 करोड़ रुपये के बजट से प्रदेश के चार जिलों मंडी, कांगड़ा, हमीरपुर और सोलन की आईटीआई में एआई लैब स्थापित की जा रही हैं। प्रत्येक संस्थान को 70 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। फिलहाल प्रथम चरण की किश्त के रूप में 10 लाख रुपये जारी कर दिए गए हैं और शेष राशि चरणबद्ध तरीके से जारी होगी। इसके लिए पहली किश्त का उपयोगिता प्रमाण पत्र देना होगा। मंडी जिले की आईटीआई सुंदरनगर, कांगड़ा जिले की आईटीआई शाहपुर, हमीरपुर जिले की आईटीआई रैल और आईटीआई सोलन में एआई लैब का निर्माण कार्य प्रारंभिक चरण में है। इन लैब में अत्याधुनिक कंप्यूटर सिस्टम, एआई आधारित सॉफ्टवेयर और विशेष प्रशिक्षण उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि प्रशिक्षुओं को उभरती तकनीकों का व्यवहारिक प्रशिक्षण मिल सके। तकनीकी शिक्षा विभाग का मानना है कि एआई आधारित कौशल की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में प्रदेश के अधिक से अधिक तकनीकी संस्थानों में आधुनिक लैब्स की स्थापना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से 10 अतिरिक्त आईटीआई और दो बहुतकनीकी कॉलेजों का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि मौजूदा वित्त वर्ष में ही स्वीकृति प्राप्त हो सकती है। तकनीकी शिक्षा निदेशक अक्षय सूद ने कहा कि एआई लैब स्थापित होने से युवाओं को नई तकनीकों में दक्षता हासिल होगी और रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। इसी के चलते एआई लैब अन्य जगहों में भी प्रस्तावित की जा रही है। स्वीकृति मिलने के बाद ही यह दायरा बढ़ेगा।

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