युवाओं को बड़ा सपना देखने, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने और अनुशासन के साथ सही दिशा में आगे बढ़ने का संदेश अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु वर्मा ने दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता के लिए चार डी - ड्रीम, डिसिप्लिन, डायरेक्शन और ड्रग्स से दूरी - को अपनाना जरूरी है। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शुक्रवार को आईटीआई मंडी में आयोजित पुलिस की पाठशाला में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए एएसपी ने प्रशिक्षुओं को पुलिस की कार्यप्रणाली, आम नागरिकों के अधिकार और कर्तव्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पुलिस भी आम जनता का ही हिस्सा है और उसका मुख्य दायित्व कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 की जानकारी देते हुए बताया कि यह बिना सिम के भी कार्य करता है। किसी भी स्थिति में घबराने की बजाय तुरंत इस नंबर पर संपर्क करें और बेझिझक शिकायत दर्ज करवाएं। साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर सूचना देने की अपील की। उन्होंने मौके पर ही सभी हेल्पलाइन नंबर प्रशिक्षुओं को याद करवाए, ताकि आपात स्थिति में समय पर सहायता मिल सके। अभिमन्यु वर्मा ने एफआईआर की प्रक्रिया, संज्ञेय और गैर संज्ञेय अपराधों के बीच अंतर तथा पुलिस की कानूनी सीमाओं के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस कानून के दायरे में रहकर ही कार्य करती है। उपस्थित प्रशिक्षुओं की शंकाओं का समाधान भी किया गया। महिलाओं से संबंधित अपराधों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में महिला पुलिस कर्मियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाती है। सोशल मीडिया के दुरुपयोग से बचने की सलाह देते हुए कहा कि बिना जांच पड़ताल किसी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें। एपीके फाइल डाउनलोड करने से बचें और निजी डाटा की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। साइबर ठगी से बचाव के लिए जागरूकता को सबसे बड़ा हथियार बताते हुए उन्होंने कहा कि लापरवाही से आर्थिक और सामाजिक नुकसान हो सकता है। युवाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने चार डी का सूत्र समझाया। पहला डी - ड्रीम, यानी अपना स्पष्ट सपना तय करें। बिना लक्ष्य के सफलता संभव नहीं। दूसरा डी - डिसिप्लिन, यानी अनुशासन और नियमित अभ्यास। तीसरा डी - डायरेक्शन, यानी सही और स्पष्ट दिशा। चौथा डी - ड्रग्स, जिसे जीवन से दूर रखना जरूरी है, क्योंकि नशा शरीर और भविष्य दोनों को खोखला करता है। इसके साथ ही उन्होंने डोनेट ए बुक पहल अपनाने का भी आह्वान किया, ताकि ज्ञान का आदान-प्रदान बढ़े। कार्यक्रम में आईटीआई के कार्यकारी प्राचार्य प्रवीण धीमान ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए अमर उजाला फाउंडेशन की इस पहल को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से प्रशिक्षुओं को पुलिस व्यवस्था को नजदीक से समझने का अवसर मिलता है और उनमें जागरूकता बढ़ती