मंडी शहर के ऐतिहासिक सिद्धकाली मंदिर में भी संध्या काल में 2100 दीये जला कर महाआरती का आयोजन किया। मंगलवार सुबह अधिकांश श्रद्धालुओं ने सुबह स्नान आदि से निवृत होने पर मंदिरों व घरों में स्थापित कलश व प्रतिमाओं का स्नान करवाया और श्रृंगार के साथ धूप दीप, फूल व मिष्ठान भोग लगा कर पूजा अर्चना की। सुबह 11 बजे तक कंजकों को घरों में बुला कर उनके पांव धुलाते हुए पूजा स्थल के समीप सभी को स्थान दिया। कंजक के माथे पर कुमकुम से मिलक, सुहागी, बिंदी, चूड़ी, काजल, कंघी, गजरा व पुरांदा सहित अन्य सामग्री भेंट की। बाद में हलवा-पूरी, केला व चने का प्रसाद वितरित कर भोग लगाया गया। बदले में कंजक रूपी कन्याओं ने आशीर्वाद रूप में श्रद्धालुओं की पीठ व सिर हाथ रख कर विदाई ली।