जोगिंद्रनगर में स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त करते हुए भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के जिला सचिव एवं जिला परिषद सदस्य कुशाल भारद्वाज ने कहा कि जनता हर दिन मुसीबत झेल रही है तथा प्रदेश सरकार को जनता के स्वास्थ्य की कोई फिक्र ही नहीं है। पूरी तरह से पंगु हो चुकी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि सिविल अस्पताल जोगिंद्रनगर में डॉक्टरों के कुल 19 स्वीकृत पदों में से इस वक्त 15 पद खाली पड़े हैं। यदि विशेषज्ञ डॉक्टरों की बात करें तो एमडी, सर्जन, ईएनटी, स्किन, ऑर्थो, नेत्र और शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद खाली पड़े हैं। यह अस्पताल शो पीस बन कर रह गया है। यहां से रोगियों को रेफर करने का काम ही ज्यादा हो रहा है। जोगिंद्रनगर सिविल अस्पताल की हालत पिछली भाजपा सरकार के दौरान भी खराब ही थी और आज कांग्रेस सरकार के शासन में और ज्यादा खराब हो चुकी है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों के 15 रिक्त पदों के साथ ही पिछले 18 सालों से सोनोग्राफर की नियुक्ति किसी सरकार ने नहीं की। कुशाल भारद्वाज ने कहा कि लडभड़ोल के सिविल अस्पताल, चौंतड़ा की सीएचसी और जोगिंद्रनगर की विभिन्न पीएचसी की सेहत पिछली भाजपा सरकार के दौरान भी काफी खराब थी और अब कांग्रेस सरकार के दौरान तो इन अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों की स्टाफ के बिना रीढ़ ही टूट चुकी है।