बरसात के मौसम में किरतपुर-मनाली फोरलेन की हालत एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जगह-जगह सड़क धंसने, भूस्खलन से हाईवे की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि सफर न सिर्फ मुश्किल बल्कि खतरनाक भी बन गया है। इसी बीच निजी बस के मालिक राकेश शर्मा, राजेश शर्मा, पंकज महाजन व मैनेजर दिनेश ठाकुर ने भी टोल वसूली का खुलकर विरोध किया है। उनका कहना है कि वे सालाना लाखों रुपये टोल में देते हैं, लेकिन बरसात में सड़क की दुर्दशा देख ऐसा लगता है जैसे यह पैसा सड़क की मरम्मत पर नहीं बल्कि सिर्फ वसूली पर खर्च हो रहा है। बस मालिकों का साफ कहना है कि जब तक हाईवे पूरी तरह दुरुस्त नहीं होता और हर मौसम में सुरक्षित सफर के लायक नहीं बनता, तब तक टोल प्लाजा को बंद रखा जाए। उन्होंने बताया कि बरसात में कई-कई घंटों तक जाम में फंसे रहने से यात्रियों को परेशानी होती है, जबकि बस ऑपरेटरों को ईंधन, समय और पैसों का भारी नुकसान झेलना पड़ता है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों के साथ अब निजी बस ऑपरेटर भी मांग कर रहे हैं कि बरसात के मौसम में हाईवे की मरम्मत युद्धस्तर पर की जाए और तब तक टोल वसूली पूरी तरह बंद हो।