आखिर चार वर्ष बाद वह शुभ घड़ी आ गई जब कल की आधी रात में बड़ा देव कमरुनाग की पवित्र झील की सफाई का आगाज गूर देवी सिंह झील की परिक्रमा के साथ करेंगे। रविवार की रात पवित्र कमरुनाग झील में देवता की जाग होगी। देवता की पवित्र झील की गूर देवी सिंह उर्फ देबू और ख़्मीशरु का गूर परिक्रमा करेंगे। यह दिव्य दृश्य हर तीन साल बाद देव समाज और देवलुओं को देखने को मिलता है। मगर इस बार एक साल देरी से चौथे वर्ष नारायण स्वरूप अधिष्ठाता बड़ा देव कमरुनाग की चौथे वर्ष यह परंपरा निभाई जा रही है। रविवार सुबह बड़ा देव कमरुनाग के गूर समेत समस्त देवता कमेटी कमरुनाग मन्दिर पहुंच जाएंगे और सांझ ढलते ही जाग की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस बार आगामी 13 प्रविष्ट से 21 प्रविष्ट तक देव कमरुनाग की झील की सफाई चलेगी। यह सफाई मंडी और सुकेत देवता कमेटी संयुक्त रूप से करेंगी। झील की सफाई देवता के नियमों और नीतियों के साथ होगी। देव कमरुनाग जिस भक्त और देवलू को चावल के सात पांच दाने देंगे वही झील की सफाई करने झील में उतर।सकता है बाकी नही। देवता के गूर देवी सिंह ने बताया कि झील की सफाई और जाग की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। देव कमरुनाग की झील में स्नान नहीं बल्कि लोग मन्नत पूरी होने पर सोना, चांदी और नगदी चढ़ाते हैं। झील की हर तीसरे वर्ष सफाई के दौरान ही देव आज्ञानुसार ही इस झील में मानव प्रवेश होता है वह भी मात्र सफाई करने को।