स्वास्थ्य जागरुकता और सामाजिक सहयोग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए जोगिंद्रनगर उपमंडल की दो पंचायतों चलाहरग और जलपेहड़ में टीबी मुक्त हो गई हैं। एसडीएम जोगिंद्रनगर ने चल्हारग पंचायत को पहली बार टीबी मुक्त होने पर कांस्य पदक और जलपेहड़ पंचायत को लगातार दूसरी बार टीबी मुक्त होने पर सिल्वर पदक प्रदान किया गया। जलपेहड़ पंचायत के टीबी मुक्त होने पर पंचायत प्रधान पीसी मंहत को सम्मानित किया गया है। चल्हारग पंचायत में बीते दो सालों से टीबी से संक्रमित किसी भी मरीज की पुष्टि न होने पर पंचायत के उपप्रधान कांशी राम को नवाजा गया है। जोगिंद्रनगर में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित कार्यशाला में बीएमओ डॉ. संजय गुप्ता के मुताबिक वर्ष 2025 में खंड चिकित्सा अधिकारी पधर के तहत आने वाली जोगिंद्रनगर की 16 पंचायतों में अब तक 33 क्षय रोग से ग्रसित मरीजों का इलाज चल रहा है। बताया कि स्वास्थ्य विभाग अधिक से अधिक टेस्टिंग सुनिश्चित करने के लिए गांव-गांव में एक्स-रे मशीनें पहुंचाई जा रही हैं। जिन व्यक्तियों में टीबी के लक्षण पाए जाते हैं, उन्हें सीबी-नाट टेस्ट के लिए स्थानीय सिविल अस्पताल भेजा जाता है और यदि रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, तो तुरंत इलाज शुरू किया जाता है। एसडीएम मनीश ने अपने संबोधन में टीबी मुक्त हुई पंचायतों को बधाई दी और कहा कि टीबी के खिलाफ यह लड़ाई तब ही सफल हो सकती है जब समाज का प्रत्येक वर्ग एकजुट होकर प्रयास करें। बीएमओ ने बताया कि निर्धारित मापदंडों को पूरा करने वाली पंचायतों को तंबाकू मुक्त घोषित किया जाएगा तथा उन्हें 5 लाख रुपये की राशि भी प्रदान की जाएगी। इस दौरान टीबी चैंपियन प्रवीना देवी ने भी अपने अनुभवों को सभी के साथ साझा किया।