मंडी में स्कीम वर्करज के राष्ट्रीय फेडरेशन के आह्वान पर जिला मंडी मुख्यालय के बाहर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मिड-डे मील वर्करों ने जोरदार प्रदर्शन किया। वर्करों ने कहा कि वे वर्षों से बच्चों को पोषण और भोजन उपलब्ध कर रही हैं, लेकिन 2009 से मिड-डे मील कर्मियों और 2020 से आंगनबाड़ी वर्करों का मानदेय नहीं बढ़ाया गया, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है। इस दौरान यूनियन प्रतिनिधि अंजुला ने चेतावनी दी कि सरकार यदि उनकी अनदेखी करती रही तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता घर-घर सर्वे, पोषण ट्रैकिंग, डिजिटल ऐप अपडेट और केंद्र संचालन जैसे कई कार्य करती हैं, फिर भी उन्हें श्रमिक का दर्जा तक नहीं दिया गया। अंजुला ने आरोप लगाया कि निजी कंपनियों की बढ़ती दखल से योजनाओं की गुणवत्ता और वर्करों की सुरक्षा दोनों खतरे में हैं।