देवभूमि कुल्लू में सदियों से देव परंपराओं का आज भी बखूबी निर्वहन हो रहा है। सैंज घाटी के बनोगी के खुना में देवता पंडीर ऋषि के सम्मान में धान की रोपाई (रुहणी) की गई। ढोल-नगाड़ों की थाप पर देवता पंडीर ऋषि के समक्ष यह परंपरा निभाई गई। देवता ने हारियानों संग धान रोपाई के वाले खेतों में देवनृत्य किया। यह नजारा काफी आकर्षक था। देव परंपरा के निर्वहन का साक्षी बनने के लिए यहां पर भारी संख्या में श्रद्धालु भी पहुंचे हुए थे। देवता पंडीर ऋषि के कारदार लोतम राम ने कहा कि महिलाओं ने देवता के समक्ष धान की रोपाई की। ऐसे देव कार्यो से गांव के लोगो में भाईचारा भी बना रहता है।