केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय का भूमि संसाधन विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार के भू-अभिलेख निदेशालय के सहयोग से दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू हो गई है। इसका शुभारंभ राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने किया। दो दिवसीय कार्यशाला में देश के 24 राज्यों के 74 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। कार्यशाला में डिजिटल इंडिया भू-अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम की राष्ट्रीय स्तर पर प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा की जाएगी। इसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रमुख सचिव, राजस्व सचिव, भू-अभिलेख निदेशक और निपटान आयुक्त सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए हैं। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य भूमि अभिलेखों के आधुनिकीकरण में वास्तविक समय भू-स्थानिक मानचित्रण, ड्रोन-आधारित सर्वेक्षण, ई-पंजीकरण और ब्लॉकचेन-आधारित स्वामित्व सत्यापन जैसे राज्य स्तरीय नवाचारों पर विमर्श करना है। कार्यशाला से भूमि प्रशासन में तेज़ी से आधुनिकीकरण और देश में कुशल, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित भू प्रशासन की भविष्य रूपरेखा तैयार करने में प्रमुख नीति और प्रणालीगत पहल के उपाय सामने आने की उम्मीद है।