ओल्ड मनाली के ग्रामीण युवाओं ने यह साबित कर दिखाया है कि एकता में बल है। मनालसु नाला में आई बाढ़ में 40 साल पुराना पुल ढहने के बाद यह कल्पना भी नहीं की जा सकती थी कि पुल से यातायात बहाल होगा। ग्रामीणों की मेहनत रंग लाई और पुल से वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। हालांकि, वाहन चलाते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है। अपनी जगह से खिसकर टेढ़े हुए मनालसु पुल पर लगभग 48 घंटे के भीतर ग्रामीणों ने वाहन चला लिया। श्रमदान करने में कोई पीछे नहीं रहा। मौसम खुलते ही बुधवार को पुरे गांव के युवाओं ने मानव श्रृंखला बनाकर काम किया। आधा गांव बुधवार और आधा गांव शुक्रवार को श्रमदान करने पहुंचा। टेढ़े हुए पुल के दोनों चोर में कंकरीट डाली गई। पुल तक लगभग 300 मीटर कच्ची सड़क का भी ग्रामीणों ने खुद निर्माण किया। हालांकि, लोक निर्माण विभाग के मजदूर और जेसीबी भी कार्य में लगे रहे। फिलहाल इस पुल पर वाहन नहीं चलने दिए जाएंगे। सीमेंट सेट होने के बाद ही वाहनों को चलाने की अनुमति दी जाएगी। ग्राम कमेटी के मेंबर दुनी चंद ठाकुर ने बताया कि अस्थाई तौर पर सड़क बना दी है। अभी बहिनकार्य शेष है। फिलहाल वाहन नहीं चलाये जा सकते। ट्रायल के तहत वाहन चलाया गया। इस सड़क से वाहन चलने के बाद न केवल ओल्ड मनाली बल्कि शनाग, पलचान, बुरुआ पंचाययों के गांवों को भी फायदा होगा।