अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव में लोक संस्कृति और परंपराओं का रंग देखने को मिल रहा है। उत्सव के तहत आयोजित की जा रही लोक नृत्य प्रतियोगिताओं के क्रम में सोमवार को कलाकेंद्र में फाइनल मुकाबले हुए। इसमें जिला भर के पांच सांस्कृतिक दलों के कलाकारों ने मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में शिवा सांस्कृतिक दल सरली, सूत्रधार कला संगम कुल्लू, सरस्वती सांस्कृतिक कला संगम बड़ाग्रां, भुट्टी वीवर्स भुट्टी कॉलोनी और युवा कला संगम गाहर के कलाकारों ने भाग लिया। सभी सांस्कृतिक दलों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से कुल्लू की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक पेश की। लोक नृत्य और पारंपरिक कलाओं के जरिए कलाकारों ने क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मंच पर उतारा। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में इस तरह की प्रतियोगिताएं स्थानीय लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ पारंपरिक कलाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का भी माध्यम बन रही हैं। कलाकेंद्र में आयोजित फाइनल में विभिन्न सांस्कृतिक दलों की भागीदारी ने उत्सव की सांस्कृतिक छटा को और खास बनाया।