लाहौल में सावन महीने में 13124 फुट ऊंची पवित्र नीलकंठ महादेव झील के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं ने उफनते नाले को पार किया। नाले के तेज बहाव से बेखौफ श्रद्धालु हर-हर महादेव के जयकारे लगाते नाले को आर-पार कर नीलकंठ महादेव के दर्शन करने व स्नान के लिए पहुंच रहे हैं। घाटी में इस समय तेज धूप से पहाड़ों में ग्लेशियरों के पिघलने की रफ्तार तेज होने के बीच नदी-नाले उफान पर चल रहे हैं। नीलकंठ महादेव झील की ओर जाने वाली रास्ते पर पड़ने वाला नाला भी दोपहर बाद इस समय उफान पर आ रहा है। नीलकंड में लाहौल के अलावा कुल्लू, मंडी, कांगड़ा और चंबा सहित उतराखंड से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। तकरीवन सात से आठ माह तक यह पवित्र झील बर्फ से ढकी रहती है। जून माह के बाद से सितंबर,अक्तूबर माह तक इस झील की ओर रुख किया जा सकता है। सावन में काफी श्रद्धालु नीलकंठ महादेव झील पहुंचकर आस्था की डुबकी लगाते हैं। श्रद्धालु मोती लाल ने बताया कि दोपहर बाद नीलकंठ महादेव झील की ओर रास्ते में पड़ने वाले नाले में पानी का स्तर काफी ज्यादा रहता है।