तीन मूल मंत्रों आस्क, केयर और एस्कॉर्ट को अपनाकर हमें दूसरों की मदद करनी चाहिए, जिससे तनावग्रस्त व्यक्ति का मानसिक स्वास्थ्य ठीक रह सके और आत्महत्या जैसे अपराध होने से रोके जा सके। यह बात स्वास्थ्य विभाग कुल्लू के नशा निवारण एवं पुनर्वास केंद्र भुंतर प्रभारी डॉ सत्यव्रत वैद्य ने कही। जवाहर लाल नेहरू राजकीय महाविद्यालय हरिपुर में आत्महत्या रोकथाम विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें डॉ. सत्यव्रत वैद्य मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने महाविद्यालय के विद्यार्थियों को मानसिक तनाव, नशा निवारण आदि विषयों पर विस्तार से जानकारी दी तथा विद्यार्थियों के प्रश्नों के जवाब भी दिए। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में हर साल लाखों लोग विभिन्न हालात में आत्महत्या कर लेते हैं, जो बेहद सोचनीय है। ऐसे कदम उठाने से बचने के लिए हमें एक दूसरे को सामाजिक तौर पर मदद करनी चाहिए।