नूरपुर सिविल अस्पताल के सामने कथित तौर पर मस्जिद की आड़ में अवैध निर्माण व कब्जे के विरोध में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें प्रशासन से तुरंत अवैध निर्माण को तोड़ने व कब्जा हटाने की मांग उठाई गई हैं। तहसीलदार नूरपुर को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि नूरपुर अस्पताल के सामने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम चैरिटेबल ट्रस्ट के साथ एक हिस्से में मस्जिद बनी हुई है। जहां पर मौलवी ने कथित तौर पर साथ लगती जमीन पर कब्जा कर रखा है और वहां पर अवैध निर्माण किया जा रहा है। जबकि प्रदेश हाईकोर्ट की ओर से पूर्व में जारी एक आदेश के अनुसार किसी भी तरह के निर्माण पर रोक लगा रखी है। लोगों ने प्रशासन को चेताया कि अगर अवैध निर्माण के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई तो यहां पर सांप्रदायिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इस अवसर पर आरएसएस के जिला संघचालक अशोक महाजन और डा. एपीजे अब्दुल कलाम चैरिटेबल ट्रस्ट के सचिव अंकुश मेहरा ने प्रशासन से इस संवेदनशील मसले पर त्वरित कार्रवाही करने और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना को सुनिश्चित करने की मांग की है। उधर, नूरपुर की तहसीलदार राधिका सैनी ने कहा कि इस मामले में जल्द ही संबंधित पटवारी से रिपोर्ट तलब कर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।