बीते कई वर्षों से जलभराव को तरस रही राजा का तालाब की दो हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में फैले ऐतिहासिक धरोहर तालाब के जीर्णोद्धार के प्रथम चरण में खुदाई का कार्य पूर्ण होने के बाद बरसात की पहली ही बारिश में तालाब की रौनक फिर से लौटानी शुरू हो गई है। दो दिन लगातार हुई भारी बारिश से तालाब में पानी भरने लगा है और तालाब में बतखें फिर से उत्साहपूर्वक जलक्रीड़ा करने लगी हैं। जलकुंभी और एलिगेटर बीड्स की वजह से ऐतिहासिक धरोहर मिटने की कगार पर पहुंच चुकी थी। स्थानीय विधायक व योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया ने इस मुद्दे को प्रमुखता के साथ सरकार के समक्ष रखा। उनके प्रयासों से तीन चरण में 2 करोड़ 75 लाख की राशि से होने वाले जीर्णोद्धार के प्रथम चरण की खुदाई के उपरांत तालाब में अब जलभराव होना शुरू हो गया है। नेरना पंचायत प्रधान सुशील कुमार, जगजीत जग्गू, रवि चौहान,अश्वनी महाजन, राजेश चौधरी, अंकुश हांडा, सन्नी, विक्रम शर्मा, अरविंद शर्मा, विनय शर्मा, विकास भाटिया, राकेश कुमार, सुरजीत कुमार, विपन वर्मा, अबू मनकोटिया, बलजीत बड़ोतरा का कहना है कि जीर्णोद्धार के प्रथम चरण की खुदाई के बाद तालाब में जलभराव होने से धरोहर के पुराने दिन लौटने लगे हैं।