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Kangra: राजा का तालाब में विशाल लंगर का आयोजन

तपोस्थान गुरुद्वारा नानक जोत साहिब कुठण्डल राजा का तालाब द्वारा श्री गुरु गोबिंद सिंह महाराज जी के साहिबजादों और 40 मुक्तियों की शहादत पर रविवार को राजा का तालाब में विशाल लंगर का आयोजन किया गया। इस दौरान गुरुद्वारा नानक जोत साहिब के सेवादारों ने आते जाते राहगीरों को दूध, पूरी छोले का प्रशाद बांटा। सेवादार कैप्टन बरियाम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मुगलों ने गुरु गोविंद सिंह जी से बदला लेने के लिए सरसा नदी के किनारे हमला किया। तो गुरु का परिवार उनसे बिछड़ गया। गुरु साहब से बिछड़ने के बाद गंगू माता गुजरी और छोटे साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह को लेकर अपने घर आ गया। इस दौरान सोने की मोहरों के लालच गंगू ने माता गुजरी और दोनों साहिबजादों को सरहिंद के नवाब वजीर खान के सिपाहियों के हाथों पकड़वा दिया। इस दौरान माता गुजरी अपने दोनों छोटे साहिबजादों को धर्म की रक्षा के लिए सिर न झुकाने और धर्म न बदलने का पाठ पढ़ाती रहीं। वजीर खान ने कचहरी में दोनों साहिबजादों से धर्म बदलने के लिए कहा। परन्तु उन्होंने जो बोले सो निहाल सत श्री अकाल के जयकारे लगा कर धर्म बदलने से मना कर दिया। वजीर खान ने तब 26 दिसंबर 1705 को दोनों साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह उम्र सात साल और बाबा फतेह पांच साल को दीवार में जिंदा चुनवा दिया। उन्हीं साहिबजादों की शहादत को नमन करने के लिए सिख समुदाय ने हर साल वीर बाल सप्ताह मानता है। उन्होंने बताया कि गुरुपर्व पातशाही दसवीं पर 9 से 11 जनवरी 2026 तक गुरुद्वारा नानक जोत साहिब कुठण्डल में विशाल सत्संग सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा।

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