विश्वविख्यात ज्वालामुखी मंदिर में गुरुवार को आषाढ़ मास के गुप्त नवरात्रे शुरू हो गए हैं, जोकि 4 जुलाई तक चलेंगे। ज्वालामुखी मंदिर दरबार को ढाई क्विंटल फूलों से सजाया गया है। गुप्त नवरात्रि का विधिवत शुभारंभ ज्वालामुखी एसडीएम डॉ. संजीव शर्मा , मंदिर अधिकारी मनोहर लाल शर्मा, मंदिर न्यास सदस्यों व पुजारी वर्ग की ओर से विधिवत पूजा-अर्चना से किया गया। पुजारी सभा प्रधान अविनेंद्र शर्मा ने एसडीएम डॉ. संजीव शर्मा द्वारा संकल्प व विधिवित पूजा व कन्या पूजन करवाया। आज ही के दिन श्रीमद देवी भागवत भी माता ज्वाला के शायन भवन में शुरू हो रहा है जिसमें आचार्य नंद किशोर महाराज कथा वाचन करेंगे। इसके साथ ही पुजारी वर्ग और विद्वान पंडितों को माता के जप पाठ का विधिवत संकल्प भी दिलवाया गया। इस उपलक्ष्य पर पुजारी वर्ग विश्व कल्याण और विश्व शांति पूजा व पाठ लगातार आठ दिन तक करेंगे। गुप्त नवरात्र के दौरान विश्व शांति व विश्व कल्याण के लिए मां ज्वाला के मूल मंत्र, बटुक भैरव, गणपति, गायत्री पाठ व अन्य जप किए जाएंगे। 4 जुलाई को पूर्णाहुति डाली जाएगी और विशाल भंडारे का आयोजन होगा। मंदिर न्यास सदस्य व पुजारी महासभा प्रधान अविनेंद्र शर्मा ने बताया कि पुजारी वर्ग की ओर से प्राचीन परंपराओं को बरकरार रखा गया है। उन्होंने बताया कि हिंदू धर्म में नवरात्र मां दुर्गा की साधना के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली नवरात्रि को गुप्त नवरात्र कहा जाता है। एसडीएम ज्वालामुखी डॉ. संजीव शर्मा ने सभी प्रदेशवासियों को गुप्त नवरात्रों की शुभकामनाएं दीं। बताया कि श्रद्धालुओं के लिए सभी प्रबंध किए गए हैं।