हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के वरिष्ठ अधिकारी विमल नेगी की संदिग्ध मौत को लेकर पूर्व विधायक का राजेंद्र राणा ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में सच्चाई को सामने लाने की बजाय उन अधिकारियों को बचाने में जुटी है, जिन्होंने विमल नेगी पर गलत काम करने का दबाव डाला और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि पावर कॉरपोरेशन में लगातार करोड़ों रुपये के घोटाले सामने आ रहे हैं। करोड़ों के लेनदेन का कच्चा चिट्ठा दबाया जा रहा है। सत्ता में बैठे प्रभावशाली नेता और अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, लेकिन सरकार उन्हें बचाने में लगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि विमल नेगी को एक बड़े खेल का मोहरा बनाया गया था, जहां उन्हें जबरन गलत फैसलों के लिए मजबूर किया जा रहा था। जब उन्होंने इसके खिलाफ आवाज उठाई, तो उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया गया, जिससे यह दुखद घटना हुई।