ग्राम पंचायत बल्ह के मोही मन्याना और बड़ू की महिला मनरेगा मजदूरों ने डीसी हमीरपुर अमरजीत सिंह से मुलाकात की है और उन्हें ज्ञापन सौंप कर मनरेगा में काम दिलाने की गुहार लगाई है। महिला मनरेगा मजदूरों ने ज्ञापन सौंप कर डीसी को बताया कि इस साल केवल मात्र आठ दिन ही मिलेगा का काम अभी तक मिल चुका है और सभी महिलाएं बीपीएल परिवार से संबंध रखती हैं। और महिलाओं का कहना था कि हमें मनरेगा की दिहाड़ी की हाजिरी लगाने के लिए पंचायत घर जाना पड़ता है। इससे पहले हमारे बीच एक महिला थी जो अपने मोबाइल पर हाजिरी लगाने का कार्य करती थी मगर बीमार होने के कारण वह कहां पर नहीं आ रही है और हमें हाजिरी लगाने के लिए रोजाना 20 से ₹30 खर्च करने पड़ रहे हैं। वहीं उपायुक्त अमरजीत सिंह ने भी आई हुई मनरेगा मजदूर महिलाओं को जल्द समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधिमंडल की महिलाओं ने बताया कि ग्राम पंचायत के द्वारा भी मस्टरोल नहीं निकाला जा रहा है जिसके चलते काम नहीं मिल रहा है। वही पीडब्ल्यूडी विभाग के द्वारा मस्टरोल निकाला जा रहा है जिसके चलते घर का पालन पोषण करना भी मुश्किल बन रहा है। महिलाओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द मनरेगा के तहत काम दिलाया जाए। और कहा कि हमें मनरेगा की हाजिरी लगाने के लिए पंचायत घर में जाना पड़ता है और पंचायत घर कम से कम 5 किलोमीटर दूर है। तो हमें ट्राले के माध्यम से वहां तक जाना पड़ता है और साथ में 20 से 30 रुपए किराया देना पड़ता है।उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस समस्या का भी तुरंत प्रभाव से निजात दिलाई जाए। बता दें कि ग्राम पंचायत बल्ह में मनरेगा मजदूरों के लिए पीडब्लयडी विभाग की ओर से मस्टरोल निकालने के लिए काम नही किया जा रहा है जिससे घर पर बेकार बैठे हुए मनरेगा मजदूरों ने अब मस्टरोल निकालने के लिए उपायुक्त हमीरपुर से गुहार लगाई है। वही डीसी हमीरपुर में महिलाओं को आश्वासन दिया है की जल्द ही उनको मनरेगा के तहत काम दिया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को इस बारे में बताया है और कहा कि जल्द ही इनको काम उपलब्ध करवाया जाए। ताकि इन महिलाओं के 100 दिन पूरे हो सके।