नगर निगम की डंपिंग साइट पर लोगों ने डंपिंग साइट के बाहर पीपल के पेड़ के समीप कूड़े को एक गाड़ी से टिपर में स्थानांतरण करने के मामले पर ग्रामीणों ने विरोध जताया। लोगों का आरोप है कि जहां पर नगर निगम के सफाई कर्मचारियों कूड़े की गाड़ी को लादकर वहां पर पीपल का पेड़ है, जिसकी लोग पूजा करते हैं व इसके साथ प्राकृतिक जलस्रोत भी हैं। खुले में कूड़े की गाड़ी लोड करने से गंदा पानी प्राकृतिक जलस्रोत को दूषित कर रहा है। लोगों के विरोध पर कांग्रेस नेता डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा तथा नगर निगम के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। बता दें, मंगलवार को भी बजरी में लोगो ने टिपर में कूड़ा लोड करने का विरोध किया था। लोगों का कहना है कि डंपिंग साइट के बाहर कूड़े का निष्पादन करने से पक्षी कूड़े को इधर-उधर फैला रहे हैं, जिससे बदबू का माहौल बना हुआ है। लोगों का जीना दूभर हो गया है। ग्रामीणों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया कि अब छोटी गाड़ियों से बड़ी गाड़ियों में कूड़े का स्थानांतरण सीधे डंपिंग यार्ड के भीतर ही किया जाएगा। बता दें, पूर्व में लगभग आठ टन कूड़ा प्रतिदिन उत्पन्न होता था, जबकि नगर निगम बनने के बाद यह बढ़कर लगभग 30 टन प्रतिदिन हो गया है। वर्तमान कूड़ा केंद्र में उपलब्ध सुविधाएं अभी भी नगर परिषद स्तर की ही हैं, जो बढ़ते कचरे के अनुपात में अपर्याप्त हैं। इस मौके पर निर्देश दिए कि कंपनी डंपिंग साइट पर मैनपावर एवं मशीनरी में वृद्धि तथा कूड़ा निस्तारण के लिए नई उपयुक्त भूमि की तलाश की जाए। डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से आग्रह किया जाएगा कि आबादी से दूर लगभग 150 कनाल उपलब्ध भूमि को आगामी 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नगर निगम को प्रदान किया जाए, ताकि शहर को वायु एवं जल प्रदूषण से सुरक्षित रखा जा सके। इस अवसर पर नगर निगम के अभियंता अश्विनी शर्मा, जूनियर अभियंता सूर्य, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुनील वर्मा उपस्थित रहे। नगर निगम की डंपिंग साइट के बाहर कूड़े की गाड़ी को दूसरी गाड़ी में डालने को लेकर विरोध जताया था। सफाई कर्मचारियों को डंपिंग यार्ड के अंदर ही अनलोड करने के निर्देश दिए जाएंगे। बजूरी में नगर निगम की जमीन है इसके चारों ओर दीवार बनाई जाएगी ताकि गाड़ियों को वहां पर लोड किया जा सके। राम प्रसाद शर्मा, अतिरिक्त आयुक्त, नगर निगम हमीरपुर।