प्रदेश सरकार की ओर से अनाथ एवं विधवा सेस लगाने के बाद हमीरपुर में डीजल और पेट्रोल के दामों में वृद्धि हुई है। पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे आम परिवारों पर ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर पड़ेगा। लोगों के अनुसार पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका प्रभाव परिवहन व्यवस्था और रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ेगा। माल ढुलाई महंगी होने से सब्जियों, खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ने की आशंका बढ़ गई है। नौकरी, कारोबार और अन्य जरूरी कार्यों के लिए रोजाना वाहन का इस्तेमाल करने वाले परिवारों का मासिक बजट पहले ही प्रभावित हो ऐसे में ईंधन की कीमतों में और बढ़ोतरी आम लोगों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन सकती है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए निजी वाहनों पर निर्भरता अधिक है। सार्वजनिक परिवहन की सीमित सुविधा के कारण उन्हें अपने वाहनों से ही आवागमन करना पड़ता है। लोगों ने ईंधन की कीमतों को नियंत्रित करने तथा महंगाई पर अंकुश लगाने की मांग की है।