प्रदेश बिजली बोर्ड पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन की बड़सर में शुक्रवार को बैठक आयोजित की गई। जिसमें एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार और बोर्ड प्रबंधन पर जनवरी 2016 से देय संशोधित वेतनमान और पेंशन की बकाया राशि न देने का आरोप लगाया है। संघ ने कहा कि इसके लिए उन्हें उच्च न्यायालय का सहारा लेना पड़ रहा है। प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष दलीप सिंह ढटवालिया, उपाध्यक्ष सीएस चंदेल, जिला प्रधान केके कपिल और जिला सचिव लाल चंद परमार ने कहा कि बकाया राशि का भुगतान केवल कोर्ट केस करने वाले को ही एकमुश्त किया जाएगा। इस आदेश से लाखों कर्मचारी और पेंशनर नाराज हैं। क्योंकि उनके लिए कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया हैं। सरकार की इस नीति के चलते पेंशनरों को उच्च न्यायालय में वकीलों को फीस देकर अपनी बकाया राशि के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। पेंशनरों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार का रवैया नहीं बदला तो वह सामूहिक रूप से उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करेंगे जिससे सरकार को बकाया राशि छह फीसदी ब्याज सहित चुकानी पड़ेगी।