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Road Safety: हमीरपुर में सड़क हादसों के 14 घायलों को मिला डेढ़ लाख तक कैशलेस इलाज, जुलाई में हुए 12 हादसे

सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध करवाने के लिए हमीरपुर जिले में प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत कैशलेस इलाज की सुविधा शुरू कर दी गई है। हाल में हुए सड़क हादसों में घायल 14 लोगों को इस योजना का लाभ मिल चुका है। योजना के तहत पात्र घायलों के उपचार के लिए डेढ़ लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध करवाया जा रहा है। यह जानकारी उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने सोमवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति, हादसों को रोकने के उपाय, यातायात व्यवस्था, सड़क सुरक्षा जागरूकता और संबंधित विभागों की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने बताया कि जुलाई महीने में जिले में 12 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं। उन्होंने कहा कि सड़क हादसों को कम करने के लिए केवल पुलिस, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और परिवहन विभाग की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। आम लोगों और विशेषकर युवाओं को सड़क सुरक्षा के नियमों के प्रति जागरूक करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने शिक्षा विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य विभागों को सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए। जिला सड़क सुरक्षा योजना में इन विभागों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है और आवश्यकतानुसार बजट भी उपलब्ध करवाया गया है। उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा के लिए आवंटित बजट का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि किसी विभाग को आवंटित धनराशि खर्च करने में परेशानी आ रही है तो इसकी जानकारी तुरंत प्रशासन को दी जाए, ताकि आवश्यक कदम उठाए जा सकें। बैठक में उपायुक्त ने लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग और परिवहन विभाग के अधिकारियों को जिले की प्रमुख सड़कों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्य मार्गों, चौक-चौराहों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सड़क की मार्किंग स्पष्ट होनी चाहिए। इसके साथ ही जरूरत वाले स्थानों पर दिशा-सूचक और गति सीमा के बोर्ड लगाने को भी कहा गया, ताकि वाहन चालकों को सड़क की स्थिति और निर्धारित गति की जानकारी पहले से मिल सके। सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की तत्काल मदद कर उन्हें अस्पताल पहुंचाने वाले दो लोगों को प्रशासन ने राहवीर योजना के तहत ‘गुड सेमेरिटन’ पुरस्कार के लिए अनुशंसित किया है। उपायुक्त ने कहा कि दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति की समय पर मदद और अस्पताल तक पहुंचाना उसकी जान बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है। ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करने से समाज में सड़क हादसों के पीड़ितों की मदद करने की भावना मजबूत होगी। बैठक में पुलिस अधीक्षक बलवीर सिंह, नगर निगम आयुक्त राकेश शर्मा, एसडीएम संजीत सिंह, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी राजीव ठाकुर, जिला सड़क सुरक्षा समिति के सचिव एवं लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता दीपक कपिल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय अत्री सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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