हमीरपुर में कांग्रेस नेता ने बजट को लेकर भाजपा नेताओं पर तंज कसे है । हमीरपुर के सर्किेट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान पूर्व कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता प्रेम कौशल ने कहा कि केन्द्रीय बजट में राज्यों के हितों को कुचलने का काम किया गया है लेकिन दूसरी ओर भाजपा नेता बजट को डिफेंट करने में लगे हुए है और देशभर में पत्रकार वार्ता की जा रही है। प्रेम कौशल ने कहा कि देश भी अर्थव्यवस्था को तहस नहस करने का काम किया गया है और रेवन्;यु ग्रांट को बंद करके राज्यों के साथ कुठाराघात किया गया है। हमीरपुर में कांग्रेस नेता प्रेम कौशल ने केंद्र सरकार द्वारा पारित बजट को नकारा है।कांग्रेस नेता प्रेम कौशल ने कहा कि बजट में राज्य के हितों को कुचलने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता भी इस बात को समझ चुके हैं की बजट में राज्यों के हितों की अवहेलना की गई है। जिसके चलते बजट को डिफेंड करने का काम बीजेपी के नेताओं द्वारा देशभर में पत्रकार वार्ताए आयोजित की जा रही है। हमीरपुर में कांग्रेस नेता प्रेम कौशल ने केंद्र सरकार द्वारा पारित बजट को देश के लिए नकारात्मक बताया है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा पारित बजट पूरी तरह से असफल रहा है।प्रेम कौशल ने कहा कि बजट में राज्य के हितों को कुचलने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता भी इस बात को समझ चुके हैं की बजट में राज्यों के हितों की अवहेलना की गई है। जिसके चलते बजट को डिफेंड करने का काम बीजेपी के नेताओं द्वारा देशभर में पत्रकार वार्ताए आयोजित की जा रही है। प्रेम कौशल ने कहा कि देश के संघीय ढांचे पर बजट में चोट करके प्रहार किया है और केन्द्र सरकार ने कई योजनाओं को बदलाव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के आर्थिक निर्णय बहुत ही खराब है और इसलिए मुख्यमंत्री सुक्खू ने कग्ई बार केन्द्रीय मंत्री के पास जाकर राज्य के लिए गांट देने की गुहार लगाई है लेकिन फिर भी मदद नही की गई है। कौशल ने कहा कि हिमाचल से सात सांसद होने के बावजूद भी बजट में हिमाचल के लिए कुछ नही दे पाए है। प्रेम कौशल ने कहा कि इससे पहले देश के बजट पेश करने के लिए उत्सव की तरह होता था और दिन का बहुत इंतजार होता था लेकिन पिछले कुछ सालों से बीजेपी सरकारों में बजट को तहस नहस कररखा है। उन्होंने कहा कि इस बार के बजट ने भी देश की जनता को निराश किया है। उन्होंने कहाकि रेवन्यु गं्रांट को बंद करके केन्द्र सरकार ने बहुत ही चोटिल निर्णय लिया है।