बमसन तहसील के बगबाड़ा पंचायत के घराण गांव के 80 वर्षीय बुजुर्ग वर्ष न्याय के लिए दरबदर भटक रहे हैं। बुजुर्ग जगदीश के दो बेटे हैं जोकि दिव्यांग है। इस बीपीएल परिवार के बुजुर्ग मुखिया 2023 में बारिश के दौरान बहे फलदार पौधे के मुआवजे के लिए कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। इतना ही नहीं बुजुर्ग का यह भी दावा है कि कुछ वर्ष पूर्व भी उनकी जमीन से कुछ लोगों ने पेड़ काटे और एक बार फिर जनवरी 2025 में दो फलदार पौधे काटे गए हैं। बुजुर्ग का दावा है कि इस विषय पर पंचायत और तहसील में शिकायत दी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि तहसील के अधिकारियों का तर्क है कि राजस्व विभाग के मैनुअल के अनुसार मुआवजे के लिए परिवार पात्रता की शर्तें पूरी नहीं करता है। जगदीश चंद का कहना है कि उन्होंने लोकायुक्त में इस विषय पर शिकायत की थी। लोकायुक्त ने भी तहसील के अधिकारियों से जवाब मांगा था लेकिन मौके का मुआयना करने के बावजूद झूठी रिपोर्ट लोकायुक्त को दी गई है। रिपोर्ट में अधिकारियों ने कहा कि जमीन पर कोई फलदार पौधा नहीं जबकि वह फोटो सहित पहले भी दस्तावेज प्रस्तुत कर चुके है। मौके के दौरान भी अधिकारियों को पौधे दिखाए गए थे और काटे गए पौधों के ठूंठ भी दिखाए गए थे लेकिन इसके विपरित झूठी रिपोर्ट दी गई है। जगदीश चंद फोटो प्रस्तुत करते हुए अपने हरे भरे पौधों को दर्शाते हुए कहते है कि जमीन आज भी काटे गए पेड़ और जीवित हरे भरे कुछ पेड़ बचे हुए है लेकिन रिपोर्ट झूठी बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जिस जमीन पर हरे भरे पेड़ है उसे अधिकारियों ने फाइलों में बंजर बता दिया है। डीसी हमीरपुर को अधिकारियों की ओर से झूठी रिपोर्ट तैयार करने की शिकायत दी है। उन्होंने मामले में न्याय की गुहार लगाई है। मौके का निरीक्षण किया गया है। लोकायुक्त को इस विषय पर जवाब दिया गया है। काटे गए पेड़ों की जानकारी नहीं है लेकिन जमीन पूरी तरह से खाली और बंजर है। ऐसे में मुआवजा नहीं दिया सकता है- सुभाष धीमान, तहसीलदार बमसन