जिला आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मंगलवार को हमीर भवन में आयोजित रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) की शासकीय निकाय की बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान अस्पताल में विभिन्न सेवाओं, ढांचागत विकास और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए 38.17 लाख रुपये के व्यय को मंजूरी दी गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) अभिषेक गर्ग ने की। बैठक में अस्पताल की आय और व्यय से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई। एडीसी अभिषेक गर्ग ने बताया कि इस वित्त वर्ष में अस्पताल को विभिन्न सेवाओं के शुल्क, केमिस्ट शॉप के किराये और पार्किंग फीस से लगभग 26.17 लाख रुपये की आय होने का अनुमान है। पिछले वर्षों की बची हुई राशि को जोड़कर अस्पताल के पास करीब 1.07 करोड़ रुपये उपलब्ध रहने की संभावना है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए कि उपलब्ध धनराशि का उपयोग मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने, अस्पताल की आधारभूत संरचना मजबूत करने और आवश्यक संसाधनों के विकास पर प्राथमिकता के साथ किया जाए। समिति ने सफाई व्यवस्था, भवन मरम्मत, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और अस्थायी सफाई कर्मचारियों के मानदेय सहित कई मदों पर खर्च को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में कुछ नई स्वास्थ्य सेवाओं के लिए शुल्क निर्धारित करने और कुछ पुरानी सेवाओं के शुल्क में आंशिक संशोधन का भी निर्णय लिया गया। इसके अलावा प्रदेश सरकार की योजना के तहत अस्पताल में 16 युवाओं को पंचकर्मा तकनीशियन प्रशिक्षण देने की जानकारी भी साझा की गई। इस प्रशिक्षण में 50 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए निर्धारित रहेंगी। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद युवाओं के लिए आयुर्वेद, वेलनेस टूरिज्म और स्वरोजगार के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। रोगी कल्याण समिति ने कार्यकारी समिति के पुनर्गठन का प्रस्ताव भी आयुष विभाग के निदेशालय को भेजने का फैसला लिया। बैठक में जिला आयुर्वेदिक अस्पताल की मेडिकल अधीक्षक डॉ. वनीता शर्मा और वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. चारू ने विभिन्न योजनाओं और वित्तीय प्रस्तावों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया।