ताल पंचायत के ऐतिहासिक ताल में 90 के करीब मछलियां मर गई हैं। यहां पर मरी हुई मछलियों को विभाग और स्थानीय लोगों की मदद से ताल से बाहर निकाला गया है। ताल में चूना डाला जा रहा है। ताल में पिछले वर्ष भी सैकड़ों मछलियां मर गई थीं। अब एक बार फिर मछलियां मरी हैं। ताल में बीते शनिवार को दर्जनों लोगों ने आटा डाला है। धार्मिक श्रद्धा के चलते यहां पर काफी संख्या में शनिवार को आटा डालने के लिए लोग पहुंचते हैं। विभागीय अधिकारियों का तर्क है कि ताल में आटे की अधिक मात्रा से ऑक्सीजन की कमी के चलते यहां पर मछलियां मरी हैं। वरिष्ठ मत्स्य पालन अधिकारी हमीरपुर अजय कुमार ने कहा कि 90 के करीब मछलियां मरी हैं। यहां पर ताल में चूना डाला जा रहा है। ऑक्सीजन की कमी मछलियों के मौत का कारण प्रतीत हो रही है। पानी के सैंपल जांच के लिए लिए गए हैं। इसके बाद सटीक कारण स्पष्ट होंगे।