अखिल भारतीय दलित पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग परिषद के महासचिव एवं राज्य प्रवक्ता चमन राही ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री रहे जयराम ठाकुर ने दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक वर्गों की अनदेखी करते हुए निगमों, बोर्डों और मंत्रिमंडल में जिला मंडी से किसी को ताजपोशी नहीं दी गई थी। इस कारण भाजपा सरकार को सत्ता से जाना पड़ा था। चमन राही ने कहा कि दलितों और पिछड़ों के कल्याण के लिए विशेष घटक योजना के तहत आए पैसे से हेलीपैड बनाए गए थे। हम मांग करते हैं कि इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। यह बात उन्होंने गुरूवार को परिधि गृह में आयोजित प्रेस वार्ता में कही। चमन राही ने कहा कि सुक्खू सरकार ने अच्छा फैसला लेते हुए सराहनीय कार्य किया है, जो आउटसोर्स नीति को बंद कर नई नीति बनाई जा रही है। चमन राही ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में राहुल गांधी के फार्मूले की शुरुआत करनी चाहिए, जिसमें उन्होंने कहा है कि जनसंख्या के आधार पर कांग्रेस पार्टी, सरकार और सरकारी क्षेत्र में प्रतिनिधित्व मिलेगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में निगमों और बोर्डों में दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को बराबर प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में 94 साल के बाद हो रही जातिगत जनगणना का अखिल भारतीय दलित पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग परिषद स्वागत करता है। राही ने कहा कि वाल्मीकि बस्तियों के उथान के लिए धूमल सरकार के समय सफाई कर्मचारी आयोग की ओर से 43 करोड़ रुपए आया था, लेकिन उस पैसे का कोई पता नहीं चला। चमन राही ने कहा कि कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ की गई टिप्पणी निराशाजनक है। मध्य प्रदेश के मंत्री की इस टिप्पणी के खिलाफ उनके ऊपर कानूनी कार्यवाही होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मिशन सिंदूर में कर्नल सोफिया कुरैशी को आदम्य साहस पूरी दुनिया ने देखा है।