शाहपुर उपमंडल की बोह पंचायत में भूस्खलन से प्रभावित परिवारों ने अमर उजाला से बातचीत के दौरान उस भयावह मंजर को याद करते हुए अपनी आपबीती साझा की। पीड़ितों ने बताया कि मंगलवार को अचानक तेज बारिश के बीच पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर उनके घरों की ओर आने लगे। देखते ही देखते हालात इतने खराब हो गए कि जान बचाने के लिए उन्हें घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा। परिवारों ने बताया कि कुछ ही मिनटों में घरों के आसपास मलबे का ढेर लग गया। कई घरों को नुकसान पहुंचा और घरेलू सामान भी मलबे में दब गया। उन्होंने कहा कि घटना इतनी अचानक हुई कि सामान समेटने तक का मौका नहीं मिला। सबसे बड़ी राहत इस बात की रही कि समय रहते लोग घरों से बाहर निकल गए, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। पीड़ितों ने कहा कि घटना के बाद प्रशासन और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की कि प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द उचित मुआवजा और सुरक्षित आवास की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे सामान्य जीवन में लौट सकें। प्रभावित परिवारों ने कहा कि उन्होंने ऐसा भयावह दृश्य पहले कभी नहीं देखा था। अब भी लगातार बारिश के कारण उनके मन में डर बना हुआ है और वे भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा के स्थायी उपाय किए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।