जिला कांगड़ा में ऑटोमेटिक टेस्टिंग सेंटर (एटीएस) को लेकर निजी बस, ट्रक, टैक्सी और ऑटो यूनियनों ने संयुक्त रूप से विरोध जताया है। धर्मशाला में प्रेस वार्ता में पदाधिकारियों ने कहा कि पहले जिला में 21 स्थानों पर वाहनों की पासिंग होती थी, लेकिन अब देहरा के रानीताल-गाहलियां स्थित एक ही एटीएस सेंटर में भेजा जा रहा है, जिससे दूर-दराज क्षेत्रों के वाहन चालकों को अतिरिक्त खर्च और परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि पहले पासिंग शुल्क 75 रुपये था, जबकि अब करीब 800 रुपये तक खर्च करना पड़ रहा है, साथ ही टोल टैक्स और बार-बार चक्कर लगाने का बोझ अलग है। यूनियनों ने मांग की कि सभी उपमंडलों में एटीएस सेंटर खोले जाएं। मांगें न मानी गईं तो चक्का जाम कर आंदोलन किया जाएगा।