जनजातीय क्षेत्र पांगी के लोग 10 दिनों के बाद वाया साच पास होकर चंबा के लिए आवाजाही कर पाएंगे। क्योंकि, साच पास में मात्र सात किलोमीटर बर्फ हटाना शेष बचा है। जहां से बर्फ हटाने का कार्य लोक निर्माण विभाग ने जोर शोर से चलाया है। कैंची मोड़ से लेकर भूत ग्राउंड के बीच में बर्फ को हटाने का कार्य चल रहा है। दस दिनों में यहां पर बर्फ को काटकर वाहनों की आवाजाही के लिए सड़क बना दी जाएगी। इसके बाद पांगी घाटी के लोग आसानी से चंबा के लिए आवाजाही कर पाएंगे। मौजूदा समय में पांगी वासी वाया जेएंडके होकर 650 किलोमीटर लंबा सफर करके चंबा के लिए आवाजाही कर रहे हैं। जबकि वाया साच पास यह दूरी मात्र 170 किलोमीटर रह जाएगी। बर्फबारी होने से पिछले माह नवंबर माह में साच पास वाहनों की आवाजाही के लिए बंद हुआ था। जोकि मई महीना पूर्ण होने के उपरांत भी नहीं खुल पाया है। इसकी वजह से घाटी के लोगों को वाया जेएंडके होकर ही चंबा के लिए आवाजाही करनी पड़ रही है। लोक निर्माण विभाग साच पास को बहाल करवाने में अभी तक सफल नहीं हो पाया है। इसमें विभाग यह भी तर्क दे रहा है कि बहाली के कार्य के दौरान मशीनरी खराब होने से यह देरी हुई है। लेकिन, अब कार्य युद्धस्तर पर चला है। कुछ दिनों में साच पास बहाल भी हो जाएगी। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता रवि शर्मा ने बताया कि दस दिनों के भीतर साच पास को वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल करवा दिया जाएगा।