जनजातीय भवन बालू और 45 वर्ष पुरानी जनजातीय सराय को खाली करवाकर इनके मूल उद्देश्य के अनुरूप जनजातीय समुदाय के उपयोग के लिए उपलब्ध कराने की मांग को लेकर को विभिन्न जनजातीय संगठनों ने एकजुट होकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने वालों में पंगवाल एकता मंच, गद्दी संस्कृति विकास मंच के प्रतिनिधियों के साथ जिला कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट सुरजीत शर्मा भरमौरी भी शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जनजातीय सराय और जनजातीय भवन का निर्माण अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों की सुविधा और उनके सामाजिक व सांस्कृतिक हितों को ध्यान में रखकर किया गया था। कहा कि पिछले कुछ समय से जनजातीय भवन बालू में एनडीआरएफ को ठहराया गया है। कहा कि वे इसका विरोध नहीं कर रहे लेकिन उन्हे कहीं दूसरे भवन में जगह देकर शिफ्ट किया जाए। ताकि हमारे लोगों को ठहरने के लिए जगह मिल सके। कहा कि लगभग 45 वर्ष पुरानी जनजातीय सराय का उपयोग आज भी दूरदराज के जनजातीय क्षेत्रों से आने वाले लोगों के ठहरने और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए होना चाहिए। उनका कहना था कि भवनों में कार्यालय संचालित होने से जनजातीय समुदाय को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। संगठनों ने प्रशासन से मांग की कि जनजातीय भवन बालू और जनजातीय सराय को शीघ्र खाली करवाकर उनके मूल स्वरूप और उद्देश्य के अनुसार जनजातीय समुदाय के हित में उपयोग सुनिश्चित किया जाए।