न्याय पाना सबका मौलिक अधिकार है। यह बात जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं सिविल जज चंबा विशाल कौंडल ने जिला विधिक साक्षरता प्राधिकरण चंबा की ओर से बालू हिपा सभागार में विधिक साक्षरता शिविर की अध्यक्षता करते हुए कही। शिविर में स्थानीय लोगों के साथ पुलिस विभाग के अधिकारी, कर्मचारी तथा बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने कहा कि लोगों को कानूनी पहलुओं की सही जानकारी होना जरूरी है। उन्होंने आपसी सहमति और मध्यस्थता के द्वारा मामलों को हल करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विधिक साक्षरता शिविरों का उद्देश्य लोगों को अधिकारों तथा कानूनी पहलुओं की जानकारी मुहैया करवाना तथा उन्हें सस्ता, सुगम व समय पर न्याय प्रदान करना है। कहा कि समाज में शांति स्थापित करना कानून का अंतिम लक्ष्य है और न्याय पाना प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है। इससे पूर्व अधिवक्ता डीपी मल्होत्रा ने दिन प्रतिदिन हो रही सड़क दुर्घटना के अलावा नालसा व मोटर वाहन संबंधी इंश्योरेंस के विषय में जानकारी साझा की। उपपुलिस अधीक्षक जितेंद्र चौधरी ने उपस्थित लोगों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण का गठन कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 के तहत समाज के कमजोर वर्गों को मुफ्त कानूनी सेवाएं प्रदान करने और विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए लोक अदालतों के आयोजन बारे महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी राम विकास के अलावा अनुराग ठाकुर, अब्दुल शेख, जितेंद्र सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।