मुस्लिम समुदाय का मातमी पर्व मोहर्रम मनाया जा रहा है। दरअसल मोहर्रम एक महीना है। इसी महीने से इस्लाम धर्म के नए साल की शुरुआत होती है। मोहर्रम की 10 तारीख को हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातम मनाया जाता है। चंबा के जामिया जमालिया इस्लामिया मदरसा राजपुरा में दाता जमाल शाह के दरबार में मोहर्रम का प्रोग्राम किया गया। जिसमें आपसी भाईचारे और आपसी सद्भावना रखने का अह्वान किया गया। जिसकी अध्यक्षता सदर अंजुमन इस्लामिया चंबा डॉ. इसरार अली शाह ने की। जिसमे विशेष तौर पर सदर अंजुमन सलूनी फारूख बट्ट, यंग मुस्लिम के अध्यक्ष शाकिर अली शाह, अंजुमन इस्लामिया के मुख्य सलाहकार हैदर अली, महासचिव सरदार मुहम्मद, हाजी अशरफ़ शेख, इराज अहमद, अंजुमन के सचिव फ़ैसल अली शाह, इमरान खान, माकुम कुरैशी, नवीद अली शाह, आशिक मोहम्मद, नैयम शेख और कार्यकम में मुख्य वक्ता मुफ्ती सैयद फरीद शाह मुख्य वक्ता रहे। साथ ही हफीज अब्दुल मजीद, हफीज मुबारक अली, जमा मस्जिद के इमाम यासिन शेख इत्यादि उपस्थित रहे।