जंगल को आग के आगोश में धकेलनी वाली चीड़ की पत्तियां अब जंगल को आग से बचाने का काम करेंगी। इसके लिए वन मंडल चंबा ने चीड़ की पत्तियों से चेक डैम बनाने का पहला परीक्षण किया है। कियाणी के पास जंगल में छोटे नाले में विभाग के कर्मचारियों ने सबसे पहले चीड़ की पत्तियों को इकट्ठा किया। उसके बाद जूट की रस्सी और चीड़ की पत्तियों को मिलाकर एक जाला तैयार किया। जिसे चेक डैम बनाने में इस्तेमाल किया गया। इसमें किसी प्रकार से पत्थर या सीमेंट का इस्तेमाल नहीं किया। इससे मिट्टी घास इस चेक डैम में एकत्रित हो जाएगी। इससे वहां पर बारिश के दौरान पानी जमा होगा। इस पानी का इस्तेमाल जहां जंगल में रहने वाली जानवर पीने के लिए करेंगे। तो वहीं इस पानी का इस्तेमाल विभाग जंगल में होने वाले अन्य कार्यों में भी कर सकता है। वन मंडल चंबा के कर्मचारियों को चीड़ की पत्तियों से चेक डैम बनाने में इस्तेमाल होने वाले जाले का निर्माण करने का प्रशिक्षण देने के लिए महिला गृह रक्षक असीमा डलहौजी वन मंडल से बुलाई गई थी। जिसने चंबा के वन रक्षकों को पूरी बारीकी के साथ समझाया कि जूट की रस्सी व चीड़ की पत्तियों के साथ कैसे चेक डैम के लिए जाला तैयार किया जाता है।वनमंडल अधिकारी चंबा कृतज्ञ कुमार ने बताया कि जंगलों को आग से बचाने के लिए चीड़ की पत्तियों से चेक डैम बनाने का परीक्षण किया गया है। यदि यह परीक्षण सफल होता है तो भविष्य में सभी जंगलों में इसी प्रकार से चीड़ की पत्तियों से चेक डैम बनाए जाएंगे।