उपमंडल घुमारवीं की ग्राम पंचायत घुमारवीं में वीरवार को पंचायत उप प्रधान किशोरी लाल शर्मा सहित सभी पांच पंचायत सदस्यों ने सामूहिक रूप से अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। यह इस्तीफा उन्होंने पंचायत में चल रहे लंबे विवाद के समाधान के लिए पंचायत में पहुंचे जिला पंचायत अधिकारी को सौंपा। इस्तीफा देने के बाद उप प्रधान और सभी पंचायत सदस्यों ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि पंचायत प्रधान पिछले कई माह से पंचायत में विकासात्मक कार्य नहीं करवा रही थी। साथ ही, पूर्व में किए गए कार्यों की बकाया राशि भी जारी नहीं की जा रही थी। इसके अलावा प्रधान की ओर से पंचायत सदस्यों के मानदेय का भुगतान भी नहीं किया जा रहा था। इस संदर्भ में सभी सदस्यों ने उप प्रधान के साथ मिलकर मंगलवार को उपायुक्त बिलासपुर को ज्ञापन भी सौंपा था, जिसमें पंचायत प्रधान पर विकास कार्यों को रोकने, अपनी मनमानी करने और राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने के चलते तानाशाही रवैया अपनाने के गंभीर आरोप लगाए गए थे। इन लोगों ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी इस बारे में खंड विकास अधिकारी को शिकायत दी गई थी जिसके बाद खंड विकास अधिकारी ने मामले की जांच के आदेश जारी किए और प्रधान को निर्देश दिया कि वह सभी कामो की बकाया राशि एवं सदस्यों का मानदेय जल्द जारी करें। लेकिन पंचायत प्रधान ने इन आदेशों की अवहेलना की और कोई भी भुगतान जारी नहीं किया। उप प्रधान ने बताया कि इस सारे मामले के बाद वीरवार को जिला पंचायत अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर मामले को सुलझाने का प्रयास किया। उन्होंने पंचायत प्रधान को निर्देश दिया कि वह पंचायत के लंबित विकास कार्यों को पूरा करें और सदस्यों की बकाया राशि जारी करें। इन लोगों का आरोप है कि प्रधान ने इन आदेशों को मानने से इनकार कर दिया। इस स्थिति से आहत होकर पंचायत उप प्रधान और सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने कहा कि यदि पंचायत में विकास कार्य नहीं होंगे, तो उनके पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि अब वे इस मामले को न्यायालय में ले जाएंगे, क्योंकि संबंधित अधिकारी निष्पक्ष कार्रवाई करने में असमर्थ रहे हैं। अब यह लड़ाई लोकतांत्रिक और कानूनी तरीकों से लड़ी जाएगी।