बिलासपुर जिले में नशा तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो आदतन नशा तस्करों को पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत निरुद्ध किया है। दोनों आरोपियों को कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मुक्त कारागार जबली में दाखिल करवाया गया है। इनमें एक युवक और एक युवती शामिल हैं। युवक के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत चार, जबकि युवती के खिलाफ पांच मामले दर्ज हैं। युवती के खिलाफ दर्ज मामलों में चार वर्ष 2026 और एक मामला वर्ष 2024 का है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक धीमान ने बताया कि निरोधक प्राधिकारी एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, राज्य गुप्तचर विभाग, हिमाचल प्रदेश के आदेशों के तहत दोनों के विरुद्ध पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट की धारा 3(1) के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की गई है। दोनों की लगातार आपराधिक संलिप्तता और नशा तस्करी में सक्रिय भूमिका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि भविष्य में उन्हें इस तरह की गतिविधियों में शामिल होने से रोका जा सके। पुलिस अधीक्षक अभिषेक धीमान ने बताया कि पुलिस नशा तस्करी के मामलों में बैकवर्ड लिंकेज खंगालने और सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचने पर विशेष ध्यान दे रही है। इसी कड़ी में 28 अक्तूबर को स्वारघाट थाने में दर्ज मामले की जांच के दौरान पुलिस ने एक चिट्टा सप्लायर को गिरफ्तार किया है। इस मामले में मंडी निवासी हितेंद्र के कब्जे से 7.23 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान मनी ट्रेल और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया तो सामने आया कि खैरड़ में रहने वाला अनिल कुमार उसे चिट्टा सप्लाई करता था। जांच में पता चला कि अनिल करीब डेढ़ साल से खैरड़ में रह रहा था और चिट्टा तस्करी में संलिप्त था। हितेंद्र पहले भी कई बार उससे चिट्टा खरीद चुका था। इसके आधार पर पुलिस ने अनिल कुमार निवासी बधेड, डाकघर नौली, जोगिंद्रनगर को खैरड़ से गिरफ्तार किया है।