जम्मू-कश्मीर के उधमपुर के सियोज धार नाला में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुए लांस दफेदार बलदेव चंद का पार्थिव शरीर रविवार को पैतृक गांव थेह पहुंचना है, लेकिन सुबह से ही घर में इंतजार का दर्द साफ झलक रहा है। गांव की गलियों से लेकर शहीद के आंगन तक हर आंख दरवाजे पर टिकी है। सुबह से ही ग्रामीणों का घर पर जमावड़ा है। मां-पिता, पत्नी और सात साल का बेटा लगातार रास्ते की ओर देख रहे हैं। रिश्तेदार और ग्रामीण परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं, मगर आंसू थम नहीं रहे। शहीद के पिता सेवानिवृत हवलदार बिशन दास ने बताया कि बलदेव चंद हमेशा देश सेवा को सर्वोपरि मानते थे। गांव के लोग गर्व से उनका नाम ले रहे हैं, साथ ही गहरा दुख भी साझा कर रहे हैं। प्रशासन की टीम और ग्रामीण अंतिम यात्रा की तैयारियों में जुटे है। गांव में शोक के बीच बलदेव अमर रहे और भारत माता की जय के नारे लग रहे हैं।