बिलासपुर। जिले में लगातार हुई बरसात ने सरकारी विभागों के साथ-साथ निजी संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचाया है। अब तक बारिश से 46.17 करोड़ रुपये की क्षति का आकलन किया गया है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा लोक निर्माण विभाग का है। लोक निर्माण विभाग को करीब 41 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसके अलावा जलशक्ति विभाग को करीब पांच करोड़, स्कूल शिक्षा विभाग को करीब 50 लाख, पशुपालन विभाग को तीन लाख और विद्युत बोर्ड को करीब पांच लाख रुपये की क्षति हुई है। बरसात के दौरान अब तक सड़क दुर्घटनाओं में पांच लोगों की मौत हुई है। वहीं, एक कच्चा मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। छह भवनों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इनमें चार पक्के मकान, एक कच्चा मकान और एक रसोईघर शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 18 गोशालाओं और एक भंडारकक्ष को भी नुकसान पहुंचा है। बारिश से हुए नुकसान ने प्रशासन के सामने सड़क, पेयजल और अन्य आवश्यक सेवाओं को जल्द सामान्य करने की चुनौती बढ़ा दी है। बारिश और भूस्खलन के कारण लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत तीन सड़कें अभी बंद हैं। इनमें बद्धाघाट-कोटला-सोहणी देवी, कथ्यूण-गुजरेहड़ा-गोचर और पट्टा-मोरसिंघी-मसौर मोड़ सड़क शामिल हैं। उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार जिला प्रशासन ने भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर रखा है और वहां विशेष सतर्कता बरती जा रही है। भारी बरसात के दौरान लोग बहुत जरूरी न होने पर घर से बाहर न निकलें और अपनी यात्राओं को स्थगित रखें। घर से निकलने से पहले जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के माध्यम से मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 1077 पर संपर्क करें।