घुमारवीं उपमंडल के तहत कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन से सटे पनोह पंचायत के फेटी धार क्षेत्र में करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से बायोडायवर्सिटी पार्क विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू 14 अगस्त को दधोल में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय वन महोत्सव के दौरान इसकी घोषणा करेंगे। यह जानकारी तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने रविवार को पनोह में महिला मंडल की ओर से आयोजित कार्यक्रम के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए दी। राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रस्तावित बायोडायवर्सिटी पार्क का उद्देश्य क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा और जैव विविधता का संरक्षण करना है। इसके साथ ही क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्क को इस तरह विकसित करने की योजना है कि कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन से होकर कुल्लू-मनाली की ओर जाने वाले पर्यटक यहां आकर्षित हों और कुछ समय रुककर क्षेत्र के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकें। बायोडायवर्सिटी पार्क के विकसित होने के बाद फोरलेन से सटी पंचायतों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। पार्क के माध्यम से स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों को पर्यटकों के सामने लाने के साथ क्षेत्र को नए पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि पार्क के विकसित होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से स्थानीय दुकानदारों, छोटे कारोबारियों और अन्य लोगों को भी लाभ मिलने की संभावना है। सरकार की योजना फोरलेन के किनारे मौजूद प्राकृतिक क्षेत्रों को पर्यटन से जोड़कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की है।