चिट्टा जैसे घातक नशे के बढ़ते खतरे के खिलाफ महिला मंडल लघट की ओर से शुरू की गई पहल अब पूरे गांव की सामूहिक मुहिम बनती जा रही है। महिलाओं की ओर से रात के समय गांव में की जा रही पहरेदारी को अब गांव के पुरुषों का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। महिलाएं और पुरुष मिलकर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं, जिससे गांव में सुरक्षा का माहौल पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है। महिला मंडल प्रधान पिंकी शर्मा ने बताया कि नशा तस्करों पर लगाम लगाने और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया। शुरुआत में महिलाएं ही रात में पहरा दे रही थीं, लेकिन उनके साहस और जागरूकता को देखकर गांव के पुरुष भी आगे आए और अब वे भी पहरे में महिलाओं का साथ दे रहे हैं। कुछ ग्रामीण बारी-बारी से पहरे में शामिल हो रहे हैं, जबकि अन्य लोग गांव की गलियों और संपर्क मार्गों पर नजर रख रहे हैं। कहा कि नशा केवल व्यक्ति नहीं, पूरे परिवार और समाज को बर्बाद करता है। जब तक महिलाएं और पुरुष एकजुट होकर इसके खिलाफ खड़े नहीं होंगे, तब तक इस सामाजिक बुराई पर काबू पाना संभव नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गांव में नशा बेचने वालों और उन्हें संरक्षण देने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं है। महिला मंडल की इस पहल से गांव में जागरूकता बढ़ी है और ग्रामीणों में आपसी सहयोग की भावना मजबूत हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस संयुक्त प्रयास से न केवल नशा तस्करों में डर पैदा हुआ है, बल्कि युवाओं में भी सकारात्मक संदेश गया है। यह मुहिम आसपास के गांवों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बन रही है।