श्री नयना देवी जी विधान सभा क्षेत्र की दबट मध्य उठाऊ सिंचाई योजना से पर्याप्त पानी न मिलने पर धरोट पंचायत सहित आसपास के क्षेत्रों में किसान और बागवान भारी रोष में हैं। किसानों का कहना है कि सिंचाई जल उपलब्ध न होने से उनकी फसलें सूख रही हैं और पशुओं के चारे का भी भारी संकट उत्पन्न हो गया है। गांव बस्सी के रछपाल सिंह,रानो देवी,अभिषेक शर्मा,साहिल कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत में कई वर्ष से सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा,जिससे खेती उजड़ने की कगार पर है और जमीन भी बंजर होती जा रही है। बताते चलें कि हिमाचल और पंजाब सरकार के बीच हुए समझौते के तहत 27 मार्च 2011 को दबट मध्य उठाऊ सिंचाई योजना शुरू की गई थी। लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस योजना के तहत 2350 हेक्टेयर भूमि सिंचित करने का लक्ष्य था। समझौते के अनुसार पंजाब सरकार की ओर से 25 क्यूसेक पानी हिमाचल को मिलना तय है, लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण किसानों तक यह पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पा रहा। सिंचाई कमेटी के प्रधान रामपाल के अनुसार योजना विभागीय राजनीति की भेंट चढ़ गई है। सिंचाई के लिए तीन मोटरें लगाई गई हैं, लेकिन उनमें से सिर्फ एक ही मोटर चल रही है, जिससे पानी की सप्लाई घटकर सिर्फ 15 फीसदी रह गई है। जगह-जगह पाइप लाइन टूटने और समय पर मेंटेनेंस न होने से समस्या और बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यदि मोटरों को सुचारू रूप से चलाया जाए और लाइन की नियमित मरम्मत हो, तो किसान बड़ी राहत पा सकते हैं।