चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने वर्ष 2025-26 के लिए अपनी सबसे बड़ी छात्रवृत्ति योजना सीयूसीईटी-2025 को लॉन्च कर दिया है। इसके तहत यूनिवर्सिटी इस साल 250 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप प्रदान करेगी। यह जानकारी यूनिवर्सिटी के चांसलर के सलाहकार प्रो. (डॉ.) आरएस बावा ने दी। बिलासपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि 200 करोड़ चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी मोहाली कैंपस और 50 करोड़ की स्कॉलरशिप लखनऊ कैंपस के लिए दी जाएगी। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि इस टेस्ट में बच्चों को जरूर भाग लेने दें। साथ ही उन्होंने बताया कि इंजीनियरिंग, लॉ, फार्मा और मैनेजमेंट के कोर्स के लिए यह अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र में ही हिमाचल प्रदेश के 4306 छात्रों ने स्कॉलरशिप का लाभ उठाया है। डॉ. बावा ने कहा कि ग्लोबल रैंकिंग में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी लगातार नए आयाम छू रही है। क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में यूनिवर्सिटी ने लगातार तीसरे वर्ष भारत की नंबर-1 प्राइवेट यूनिवर्सिटी का स्थान हासिल किया है। वहीं क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में यह दुनिया की शीर्ष दो प्रतिशत विश्वविद्यालयों में शामिल हुई है। मौजूदा सत्र 2025-26 में छात्रों को अब तक 6477 जॉब ऑफर मिल चुके हैं, जबकि पिछले सत्र 2024-25 में 9500 ऑफर प्राप्त हुए थे। हिमाचल प्रदेश के 580 विद्यार्थियों को इस वर्ष देश-विदेश की बड़ी कंपनियों से रोजगार मिला है, जिनमें बिलासपुर के 33 छात्र भी शामिल हैं। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग करने वाली हिमाचल की शान्या त्रेहन को ग्लोबल आईटी दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट से 51 लाख रुपये का पैकेज मिला है, जो इस साल का सबसे बड़ा ऑफर है। मौजूदा सत्र में हिमाचल के 105 छात्र इस स्कॉलरशिप का लाभ ले रहे हैं, जो देश में सबसे अधिक संख्या है। उन्होंने बताया कि 31 मई 2026 तक छात्र इस स्कॉलरशिप परीक्षा को दे सकते हैं। इच्छुक विद्यार्थी यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर जाकर इसके लिए आवेदन कर सकते हैं और स्कॉलरशिप के माध्यम से अपनी उच्च शिक्षा का सपना पूरा कर सकते हैं।