बिलासपुर जिले में जंगलों की हरियाली बढ़ाने और भूमि क्षरण से प्रभावित क्षेत्रों को दोबारा हरा-भरा बनाने के लिए वन विभाग ने नई पहल शुरू की है। सदर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत पहली बार सीड बॉल तकनीक से वनीकरण का ट्रायल बंदला धार के दुर्गम और क्षरणग्रस्त वन क्षेत्रों में शुरू किया गया है। वन विभाग का उद्देश्य उन स्थानों पर प्राकृतिक तरीके से नए पौधे तैयार करना है, जहां पारंपरिक तरीके से पौधरोपण करना कठिन और चुनौतीपूर्ण होता है। इस अभियान का संचालन क्षेत्रीय वन अधिकारी नरेंद्र सिंह दयाल के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। वन विभाग के अनुसार, सीड बॉल तकनीक के तहत मिट्टी, जैविक खाद और विभिन्न प्रजातियों के बीजों से तैयार गेंदनुमा संरचनाओं (सीड बॉल) को मानसून के दौरान जंगलों में बिखेरा जाता है। बारिश के संपर्क में आने के बाद बीज अंकुरित होकर प्राकृतिक रूप से नए पौधों का रूप लेते हैं। विभाग का मानना है कि यह तकनीक कम लागत और कम समय में अधिक क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन सकती है। विशेष रूप से दुर्गम पहाड़ी इलाकों में, जहां पौधरोपण के लिए पहुंचना कठिन होता है, वहां यह तकनीक उपयोगी साबित हो सकती है। वन विभाग ने बताया कि बंदला धार में शुरू किए गए इस ट्रायल के परिणामों का अध्ययन किया जाएगा। यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो भविष्य में इसे बिलासपुर वन मंडल के अन्य वन क्षेत्रों के साथ-साथ प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी लागू किया जा सकता है।