यमुनानगर में लावारिस कुत्तों की बढ़ती संख्या ने एक बार फिर लोगों को दहशत में डाल दिया है। सेक्टर-15 के एक किराये के मकान में रहने वाली उर्मिला की तीन वर्षीय सबसे छोटी बेटी कुसुम को कंजक पूजन के लिए जाते समय लावारिस कुत्तों के झुंड ने नोच लिया। घायल बच्ची को दौड़ते हुए मां ने सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। उर्मिला के पास पांच लड़कियां हैं, और अन्य बहनें भी पूजन के लिए जा रही थीं। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया है, क्योंकि इलाके में कुत्तों की भरमार से कोई हिम्मत नहीं जुटा पाया उन्हें भगाने की। उर्मिला ने बताया कि वह सेक्टर-15 के एक किराये के मकान में अपने पांच बच्चों के साथ रहती हैं। मंगलवार को कंजक पूजन के अवसर पर सभी बहनें हैं, जिनमें कुसुम सबसे छोटी है जोकि पूजन स्थल की ओर जा रही थीं। रास्ते में अचानक एक झुंड लावारिस कुत्तों ने कुसुम पर हमला कर दिया और उसे बुरी तरह नोच लिया। घायल कुसुम को गोद में उठाए मां दौड़ती हुई सिविल अस्पताल पहुंची, जहां डॉक्टरों ने घाव साफ कर एंटी-रेबीज इंजेक्शन दिए। बच्ची की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन परिवार दहशत में है। सिविल अस्पताल परिसर में भी कुत्तों की भरमार, खतरा बरकरार घटना के बाद सिविल अस्पताल पहुंचे स्थानीय लोगों ने बताया कि अस्पताल परिसर में भी लावारिस कुत्तों की भारी संख्या है। मरीजों औ परिजनों के बीच घूमते ये कुत्ते किसी भी समय हमला कर सकते हैं।