नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। स्पेशल एंटी बरग्लरी स्टाफ यमुनानगर ने कार्रवाई करते हुए 1.103 किलो हेरोइन (स्मैक) बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग एक करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस मामले में पुलिस ने दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। एडिशनल एसपी अमरिंदर सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल के दिशा-निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि एंटी बरग्लरी स्टाफ प्रभारी अनिल कुमार के नेतृत्व में एसआई मक्खन सिंह, एएसआई सुरेंद्र सिंह, राजिंदर सिंह, पंकज और सिपाही लोकेश की टीम गठित की गई थी। टीम पश्चिमी यमुना नहर पुल के पास गश्त कर रही थी, तभी गुप्त सूचना मिली कि दो व्यक्ति सरताज पुत्र महमूद खां निवासी गांव पीपलिया रामदयाल, जिला बरेली (उत्तर प्रदेश) और नहीम पुत्र हसन शाह निवासी मोहल्ला भुरे खां गोटिया, फरीदपुर, जिला बरेली (उत्तर प्रदेश) हेरोइन बेचने के लिए यमुनानगर आए हैं और सहारनपुर रोड पर नहर पुल के पास ग्राहकों का इंतजार कर रहे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद डीएसपी (मुख्यालय) कवलजीत सिंह की निगरानी में रेड की गई और दोनों को मौके से काबू कर लिया गया। तलाशी के दौरान आरोपी सरताज के बैग से कपड़ों में छिपाकर रखी पारदर्शी पन्नी में 1.103 किलो हेरोइन बरामद हुई। पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि वे यह खेप उत्तर प्रदेश से यमुनानगर में बेचने के लिए लाए थे। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत थाना शहर यमुनानगर में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी ताकि आगे की पूछताछ की जा सके। एडिशनल एसपी अमरिंदर सिंह ने कहा कि जिले में नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी सूरत में तस्करों को बख्शा नहीं जाएगा। एंटी बरग्लरी स्टाफ इंचार्ज अनिल कुमार ने बताया कि आरोपी इतनी बड़ी खेप जिले में किसे देने आए थे, इसकी जांच की जा रही है। आरोपियों के उत्तर प्रदेश से जुड़े तारों की भी पड़ताल हो रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।